शामली : शामली के चर्चित धर्म परिवर्तन मामले में युवक का दावा, इस्लामी विचारों से प्रभावित होकर लिया फैसला
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में सामने आए चर्चित धर्म परिवर्तन मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आयुष मलिक, जिन्होंने अपना नाम बदलकर मोहम्मद अली रख लिया है, ने एक विशेष बातचीत में दावा किया कि उनका फैसला किसी दबाव या लालच का नतीजा नहीं था, बल्कि लंबे समय तक इस्लामिक विचारों और धार्मिक सामग्री को समझने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
आयुष मलिक ने बताया कि वह कई वर्षों से यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर धार्मिक विषयों से जुड़ी सामग्री देखते और सुनते रहे। उनके अनुसार, विभिन्न इस्लामी विद्वानों के व्याख्यानों और धार्मिक चर्चाओं ने उन्हें इस्लाम के बारे में गहराई से जानने का अवसर दिया। इसी दौरान उनकी सोच में बदलाव आया और उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम अपनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि धर्म परिवर्तन का उनका फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत था और इसमें किसी प्रकार का दबाव या जबरदस्ती शामिल नहीं थी। आयुष का दावा है कि उन्होंने लंबे समय तक अध्ययन और विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया, जिसे अब राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप दिया जा रहा है।
दूसरी ओर, आयुष के परिवार ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें आशंका है कि उनके बेटे को प्रभावित किया गया और उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं, जिनमें डिजिटल गतिविधियां, पारिवारिक आरोप और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका शामिल है।
यह मामला अब केवल एक परिवार या व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन चुका है। विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ऐसे में सभी की नजरें पुलिस जांच और SIT की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जो मामले की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट कर सकती है।
फिलहाल, जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।